KNOWLEDGE SERIES - LON FOR EXPORTER



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एक्सपोर्टर को दी जाने वाली वित्तीय योजनाओं की जानकारी

एक्सपोर्टर को बैंक सरकार द्वारा स्वीकृत कई प्रकार की लोन और वित्तीय योजनाएं प्रदान करते हैं। इनमें प्रमुख हैं 

  • EPC (Pre-shipment Loan), 
  • PCFC (Pre-Shipment Credit in Foreign Currency)
  • CGTMSE (Credit Guarantee Fund Trust for Micro and Small Enterprises)

EPC/PCFC

जैसा कि नाम से ज्ञात हो रहा हे कि ये लोन एक्सपोर्ट का समान बनाने के लिए जो खर्चा आ रहा हे उसके लिए दिया जाता हे जैसे कि कच्चा माल खरीदना हो या मजदूरी और तैयार माल की पैकेजिंग आदि के लिए 

EPC जहां भारतीय रुपए में मिलती हे वही PCFC आपको फॉरेन करेंसी में मिलेगी , 

ये एक प्रकार से OD लिमिट का ही एक उत्पाद हे इसलिए आपको नियमित अंतराल से बैंक को  स्टॉक और डेटर्स स्टेटमेंट देने की जरूरत नहीं होती हे जो CC लिमिट में दी जाती हे ।

EPC में आपको लगने वाला ब्याज भारतीय प्रचलित विधि द्वारा ही लगता हे पर इसमें आपको 2.75% की ब्याज छूट का फायदा मिल सकता हे जो कि समय समय पर सरकार द्वारा घोषणा की जाती हे अतः मान लेते हे कि आपका बैंक 7.50 ब्याज ले रहा हे तो आपको 4.75 % ब्याज रेट लगेगी 

वहीं PCFC में आपको जो ब्याज की गणना होती हे वह ज्यादातर SOFR पर होती हे और SOFR की रेट 3.65 % हे अतः बैंक अपने मार्जिन जोड़ कर 5 % के आसपास ब्याज रेट लग सकतीं हे ।

EPC और PCFC लिमिट के लिए पहले आपको अपनी बैंक से अपनी लिमिट के लिए आवेदन करना होगा लिमिट अप्रूव हो जाने के बाद बैंक आपको लिमिट को EPC और PCFC में दे दी जाएगी आपको जब भी कोई भी लिमिट उठानी हो तो बैंक में उसका आवेदन कर के खाते में राशि क्रेडिट कर दी जाएगी 

अब यहां पर EPC आपको भारतीय रुपए में क्रेडिट होगी पर PCFC आपको फॉरेन करेंसी में दी जाएगी तो उसके लिए आपको जो फॉरेन करेंसी को भारतीय रुपयों के कन्वर्ट करना होगा और उसके लिए आपको रेट कन्वर्ट के चार्ज देने होंगे पर जब इसको वापस चुकाने के समय कोई चार्ज नहीं देने होंगे क्योंकि उस समय फॉरेन करेंसी सीधे PCFC लिमिट में क्रेडिट हो जाएगी । 

यहां ध्यान देने की बात ये हे कि ये चुकी ये लिमिट आपको एक्सपोर्ट के लिए दी जा रहीं हे तो आपको वापस एक्सपोर्ट् से होने वाली आय से ही ये राशि चुकता करनी होगी अगर एक्स्पोर्ट की आय से ना लोन चुकाने में असमर्थ हो जाए तो बैंक अलग से चार्ज काट सकती हे और उसका प्रोसेस भी अलग से ही होगा।

CGTMSE (Credit guarantee fund trust for micro and small enterprises)

CGTMSE ऋण योजना भारत सरकार के 2 सरकारी विभाग Ministry of Micro, Small & Medium Enterprises (MSME) और Small Industries Development Bank of India (SIDBI) द्वारा सयुक्त रूप से स्थापित कि गई हे 

 

CGTMSE  ऋण योजना की सबसे बड़ी खासियत ये हे कि अपनी संपत्ति को बैंक या एनबीएफसी को देने की जरूरत नहीं हेअतः ये उन उद्यमियों के लिए फायदेमंद हे जिनके पास अपनी संपत्ति नहीं हे या किसी अन्य कारण से वह अपनी संपत्ति बंधक के रूप में  नहीं दे सकते 

  • ये ऋण योजना छोटे और नवीन व्यापारियों के लिए उपयुक्त हे 
  • इसमें आपको 5 लाख से लेकर 10 करोड़ तक का ऋण मिल सकता हे 
  • इसको लेने के लिए आपको बैंक या एनबीएफसी के पास जाना होगा जहां आपको निम्न डॉक्यूमेंट देने होंगे 

      आधार कार्ड 

      पेन कार्ड 

      एड्रेस प्रूफ

       ITR कॉपी 

      बैंक स्टेटमेंट 

      बिज़नेस रजिस्ट्रेशन 

      फाइनेंशियल डॉक्यूमेंट 

इसके अलावा भी अन्य डॉक्यूमेंट हो सकते हे जो लोन देने वाली संस्था पर निर्भर कर सकता हे 

 

  • इसमें ब्याज की दर लोन देने वाली बैंक / NBFC पर और लोन लेने वाले के प्रोफाइल पर निर्भर करेगा मोटे तौर पर 8 % से लेकर 14 % तक हो सकती हे 


    ध्यान रखने योग्य -

  • इसके ब्याज में कोई सरकारी छूट या सब्सिडी नहीं हे इसके अलावा इसमें कुछ एकस्ट्रा चार्जेसभी लगेंगे जैसे Annual Guarantee fees जो कि 1 से 2 % तक हो सकती हे अतः लोन लेते समय आप लोन देने वाली बैंक या एनबीएफसी से सारे चार्ज के बारे में जानकारी  प्रदान कर ले  
  • इसके अलावा अगर आपका कोई पुराना लोन अपनी फर्म पर चल रहा हे तो वह
     CGTMSE में कन्वर्ट नहीं होगा 

 

यह सामान्य जानकारी हे और समय समय पर बदलती रहती हे  अगर आपको पूर्ण जानकारी चाहिए तो नीचे दी हुई इमेज पर क्लिक कर के ज्यादा जानकारी हासिल कर सकते हे 


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